ज्योतिष और आयुर्वेद से भाग सकती है बड़ी बीमारी जाने कैसे

98 Views

वेद को हिन्दू धर्म में जीवन का आधार बताया गया है। ऐसा बताया जाता है कि सृष्टि की शुरुआत से लेकर अंत तक का लेखा-जोखा आपको वेदो में मिल जायेगा। वैसे तो चार वेदो में एक वेद अर्थवेद है। जिसमे से आयुर्वेद का जन्म हुआ है। इस वेद में कई प्रकार की जड़ी बुटिया और मंत्रो का जिक्र किया गया है। bimari khatam karne ke totke जिन्हे यदि सही तरीके से इस्तेमाल किया गया, तो गंभीर बीमारी पर भी काबू पाया जा सकता है।

यह भी पढ़े: रातों रात मालामाल होने वाले लोग धन के इन मंत्रो को किसी को नहीं बताते

Bimari khatam karne ke totke

फ़िलहाल जिस वायरल को लेकर लोगो में डर बना हुआ है। ज्योतिष ओर आयुर्वेद में भी उसके कुछ उपाय देखने को मिलते है। जिससे वायरल रोग को काबू में किया जा सकता है। पंडित झा द्वारा ज्योतिष और आयुर्वेद की दृष्टी से आपको कौन कौनसे उपाय करना सही है। जिससे की आपके घर में मौजूदा विषाणु ओर रोगाणु को नष्ट कर सकरात्मक ऊर्जा के चलते आप स्वस्थ रह पाएंगे।

यह भी पढ़े: गुरुवार के ये उपाय भाग्य ना बदले दे तो कहना

कपूर

धार्मिक ग्रंथो में कपूर को बहुत ही शुद्ध बताया गया है। आजकल तो यह केमिकल के माध्यम से बनाया जाता है। लेकिन प्रकुर्ति में वास्तविक रूप से कपूर वृक्ष यानि पेड़ से प्राप्त होता है। कपूर को ज्योतिषी में शुक्र गृह से सम्बन्थित बताया है। जो केतु, राहु,शनि तीनो क्रूर ग्रहो का सम्भन्ध रहस्य्मयी रोगो और विषाणु के द्वारा पैदा किये। रोगो के संचार को कपूर शांत करने में सक्षम है। ग्रंथो में शुक्र को राहु केतु का गुरु बताया है। जिस कारण से शुक्र मजबूत हो जाता है। और केतु और राहु का बल कम हो जाता है।

यह भी पढ़े: नए साल की शुरुआत अपनी राशि के भगवान की पूजा से करे

घर पर कपूर के उपाय

शुक्र के साथ शनि का तालमेल अच्छा रहता है।

जिस वजह से ज्योतिष और आयुर्वेद में बताया है कि

  • जिन भी घरो में नियमित रूप से दिन में दो से तीन बार कपूर का धुआं किया जाता है।
  • वहां रोगाणु शांत रहते है यानि उनका प्रभाव बिलकुल कम रहता है।
  • पुराने समय में भी हवन पर पूजन में कपूर को प्रयोग में लिया जाता है।
  • कपूर के धुए शरीर में लगने तथा यह जहाँ तक भी यह जाता है।
  • वहाँ तक का वातावरण शुद्ध हो जाता है।
kapur or loban ke ghar se bimari bhagane ke upay
kapur or loban ke ghar se bimari bhagane ke upay

लोबान

राहु केतु और शनि वायरल रोगो के करण या इनका इनमे हाथ होता है। देखा जाये, तो शनि जनता का कारक बताया गया है। जिससे लोगो में रोगो का संचार इसी के कारण होता है। जबकि रोगो का जन्म और इसे घातक बनाने का काम राहु ओर केतु करते है। ऐसे में इन ग्रहो की शांति के लिए या गृह में प्रवेश को रोकने के लिए नियमित रूप से लोबान का धुआं किया जा सकता है। हमारे आयुर्वेद में कई सारे रोगो का शमन करने वाला तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला बताया गया है। तंत्र मन्त्र और देविक शक्तियों को जगाने में भी इसका प्रयोग सदियों से चला आ रहा है।

जटामासी

ज्योतिषी में कुछ लोग वायरल रोगो को प्राकृर्तिक आपदा का कारक मानते है। क्योकि इसका सम्बन्ध मंगल से बताया है। जब मंगल और शनि की स्थति कुछ इस तरह की होती है। जो लोगो के लिए शुभ फल देने वाली नहीं होती है। ऐसे में जब भी मकर राशि में यह आया है। तब-तब जन-धन की हानि होती है। यह 22 मार्च के बाद से शनि के साथ मंगल का मकर राशि में आने का संयोग बनाने जा रहा है। जिससे दुनिया के कई सारे देशो में प्राकृर्तिक आपदा के चलते परेशानी उठानी पड़ सकती है। आप मंगल के बुरे प्रभाव को दूर करने के लिए जटामासी को लोबान के साथ मिलाकर जलाने से, अशुभ ग्रहो को प्रभाव को ख़त्म कर सकते है। आयुर्वेद की माने तो जटामासी में रोग प्रतिरोधक क्षमताओं को बढ़ाने वाला। रोगाणु को ख़त्म, मस्तिष्क हृदय जनित अन्य बीमारियों को भी दूर करने में सहायक है।

यह भी पढ़े: पांच मंगलवार कर लें ये काम धन की समस्या होगी दूर, खुशियों से भरा होगा घर

kya jatamansi or lahsun se roganu or vishnu ka nash hota hai
kya jatamansi or lahsun se roganu or vishnu ka nash hota hai
लहसन

रसोई में काम में आने वाली लहसन का भी ज्योतिष शास्त्र में बड़ा और अहम् रोल होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लहसुन और प्याज को व्रत या त्यौहार पर सेवन नहीं करना चाहिए।

इसके पीछे का कारण यह है कि

  • इनका सम्बन्ध राहू और केतु से माना गया है।
  • यदि आप रोजाना लहसुन का सेवन करते है।
  • तो इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।
  • सेवन के फलस्वरूप केतु का प्रभाव बढ़ जाता है।
  • जिसके चलते रोग जल्दी से आपको प्रभावित नहीं करते है।

यह भी पढ़े: Purse me kya rakhe नए साल में रहेंगे मालामाल आजमाए यह धन की कमी के टोटके

All story image source from Google

लगातार ऐसी जानकारी पाने के लिए आगे दिए सोशल बटन पर लाइक तथा फॉलो जरूर करे:

और

भविष्य में आने वाली नयी Astrology अपडेट के लिए सीधे हाथ पर दिए नोटिफिकेशन को चालू (allow) और डाउनलोड करे फ़ास्ट Mobile App .

जानकारी को सबसे पहले अपने दोस्तों तक पहुंचने के लिए नीचे दिए सोशल मीडिया की मदद ले और शेयर करे ।

इस तरह की खबरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए ‘सब्सक्राइब’ करे।