eyes protection tips

जवानी में हो रही है नजर कमजोर तो इन आदतों को छोड़ दीजिये

Health
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आपने लोगों को यह कहते हुए सुना होता होगा की आंखे अनमोल होती है। अगर यह सही है तो लोग इसके प्रति इतनी लापरवाही बरसते हुए क्यों नजर आते हैं। लोग अनजाने में की गई गलती से भी अपनी आंखों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लोगों की एक गलती उनके जीवन को बदल सकती है। तो चलिए जानते हैं कि ऐसी कौन सी आदतें हैं। जो eyes protection tips आपके रूटिंग के आधार पर अनजाने में आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा रही है। आप आंखों को नुकसान पहुंचाने वाली इन अनजान आदतों को जानने के बाद चौक जायेंगे:

कम रोशनी से आंखों को क्या प्रभाव पड़ता है

क्या आप कम रोशनी में या लेट कर पढ़ने की आदत रखते है।

तो उसे आंखों की सेहत के लिए काफी हानि पहुंचती है।

अंधेरे में पढ़ने से आंखों को आगे चलकर नुकसान सकता है।

क्योंकि रोशनी की कमी से आंखों की पुतलियां फैल जाती है।

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इसका परिणाम यह होता है कि दृष्टि क्षेत्र की गहनता यानी।

आंख के फोकस में नजदीक और दूर की चीजों के बीच फर्क कम होना पाया जाता है।

kem rishani me padhne aur smartphone chalane se ankhe kamjor hoti hai
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किस प्रकार की रोशनी से आंखों के लिए नुकसानदायक होती है

आंखों के लिए कुछ रोशनी बेहद ही हानिकारक होती है।

जैसे डॉक्टरों की मानें, तो इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन जैसे हमारे कंप्यूटर, टेबलेट और स्मार्टफोन से निकलने वाली नीली लाइट सूरज की पराबैगनी किरणों की तरह हमारी आंखों को हानि पहुंचाती है।

इसके अलावा लैपटॉप और कंप्यूटर की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी भी आंखों को खराब करने के साथ-साथ मोतियाबिंद जैसी बीमारियों को पैदा कर सकती है।

जिस कारण से लोगों को अक्सर अनिद्रा की शिकायत भी रहती है।

कैसे होती है कंप्यूटर और लैपटॉप से आंखे खराब

मोबाइल और कंप्यूटर हमारी आंखों से सीधे संपर्क में रहते हैं।

जिस कारण से सबसे ज्यादा नुकसान आंखों को होता है।

कंप्यूटर और मोबाइल से आंखों की दूरी बेहद कम होती है।

जिससे आंखों के मूवमेंट भी कम होती है। लंबे समय तक आंखें एक ही पॉइंट पर फोकस बनाए रखती है।

जब मोबाइल और कंप्यूटर के अधिक उपयोग करने वाले लोगों में सामान्य ड्राई आई सिंड्रोम की बन जाती है।

जिससे आंखों में नमी होने लगती है। यही मुख्य कारण है, जिससे मोबाइल तथा कंप्यूटर का अत्यधिक उपयोग करने वाले व्यक्ति की आंखों को खराब करता है।

smartphone ke jyada upyog se ho sakti hai ankho ki roshni kamjor
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मोबाइल व कंप्यूटर की किन किरणों से आंखें होती है खराब

इलेक्ट्रॉनिक गैजट, कंप्यूटर या मोबाइल की बात करें।

तो दोनों के इस्तेमाल करने के तरीके से आंखों को नुकसान पहुंचता है।

कि लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल करने से उसकी स्क्रीन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक से आंखों के कॉर्निया और रेटिना पर अपना असर डालती है।

laptop par jyada der tak kam karne se hoti hai ankhe kharab
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आंखों की रोशनी कम होने पर किए गए शोध

सन 2007 में किए गए एक शोध की मानें तो कम दायरे में देखने के कारण भी आंखों की रोशनी कम हो जाती है।

या हमें एक केंद्रीय बिंदु पर अधिक देर तक ध्यान लगाए रहते हैं।

जिस कारण से अन्य वस्तुओं को नहीं देखते, तब भी हमारी आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती है।

जैसे उम्रदराज वाले युवाओं में यह समस्या अधिक देखने के लिए मिलती है।

इस प्रकार का शोध इन्‍वेस्टिगेटिव ऑप्‍थॉल्‍मेलॉजी एंड विजुअल साइंस के अंदर छुपा हुआ था।

क्या धूम्रपान करने से आंखें खराब होती है

देखा जाए, तो यह बेहद पेचीदा सवाल है कि कभी धूम्रपान करने से आंखों पर कोई गलत असर पड़ता है या नहीं।

तो आपको बता दे, सिगरेट में लगभग 4,000 केमिकल मौजूद होते हैं।

जो आपके शरीर के भीतर जाकर अन्य अंगों के साथ आँखों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

अत्यधिक सिगरेट पिने वाले व्यक्ति की आंखों में लाल धब्बे होने के साथ-साथ खुद आँखों से ही जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

jyada cigarette peene se bhi aankhe kamjor hoti hai
jyada cigarette peene se bhi aankhe kamjor hoti hai

किस चीज के कारण मनुष्य अपनी आंखों से चीजों को देखता है

मनुष्य के रेटीना के केंद्र को मैक्युला कहा जाता है।

जब कभी भी अपनी आंखों की सीध में जिन चीजों को देखते हैं।

उसके लिए मैक्युला जिम्मेदार होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ खासकर के 60 साल की उम्र के बाद में मैक्युला की कार्य क्षमता में धीरे-धीरे कम होने लगती है।

लेकिन अगर आप स्मोकिंग करते हैं। तो मैक्युला की कार्य क्षमता समय से पहले काफी पहले ही कम हो जाएगी और आपकी आंखें खराब हो सकती है।

क्या आंखों की पलकों का कम झपकाने से भी होता हैं नुकसान

आपने देखा होगा कि जो लोग लगातार कंप्यूटर स्क्रीन पर काम करते रहते हैं।

उनकी आंखों में असहजता खुजली महसूस होने लगती है।

वैसे आमतौर पर एक व्यक्ति आंखें 1 मिनट में लगभग 12 से 15 बार झपक सकती है।

लेकिन जब भी वह कंप्यूटर स्क्रीन पर काम करता है।

तो यह प्रक्रिया 1 मिनट में लगभग चार या पांच बार ही संपन्न हो पाती है।

जिस कारण से कम पलक झपकाने या अधिक समय तक काम करने से ड्राई आई सिंड्रोम खुजली जैसी समस्याएं पैदा हो जाती है।

जबकि दूसरी ओर कंप्यूटर में लगातार काम करने वालों की आंखों से पानी निकलने की समस्या भी आम हो जाती है।

जब आप आंखे झपकते नहीं है, तो आंखें लुब्रिकेंट सही तरीके से आंखों में फैलता नहीं है। जिससे खुजली होने के साथ-साथ पानी आता रहता है।

chote bacho ke jaldi chasma lagne ke karan jyada pas ya dur se tv dekhna hai
chote bacho ke jaldi chasma lagne ke karan jyada pas ya dur se tv dekhna hai
किस प्रकार से टीवी देखने से हो सकती है आंखें खराब

आजकल के युवा टीवी को लेकर काफी क्रेज़ी रहते हैं।

लेकिन आपको बता दें, टीवी देखने से आंखों की रोशनी कम हो सकती है।

ऐसे में टीवी से निकलने वाली घातक किरणे हमारी आंखों को बहुत नुकसान हो जाती है।

कभी भी आप ज्यादा पास से या बहुत दूर से या फिर लेट करके टीवी नहीं देखें।

अगर घर परिवार में भी ऐसा कोई करता है। तो उसको इस बारे में जरूर बताएं।

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sharab ke atyadhik sevan aapki aankhe kharab kar sakta hai
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क्या शराब के सेवन से भी होती हैं आंखें कमजोर eyes protection tips

eyes protection tips जो भी व्यक्ति अधिक अल्कोहल पीने के आदी होते हैं।

उनकी आंखों को भी उतना ही नुकसान पहुंचता है, जितना कि उनके लिवर को।

वैज्ञानिक शोधों में इस बात की पुष्टि की जा चुकी की अत्यधिक शराब पीने वाले लोगों की आंखें कमजोर हो जाती है।

इसके साथ-साथ उनकी आंखों में लचीलापन, तेज गति की चीज ना दिखना तथा रंगो के प्रति संवेदनशीलता जेसी कई अन्य समस्याएं भी दिखाई देती है।

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Prakash Panwar
Prakash Panwar
मैं एक फ्रीलॉंसर हिंदी कंटेंट राइटिंग करता है. मुझे टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स और एजुकेशन जैसी बिट पर लिखना पसंद करता है. खाली समय में कंप्यूटर पढ़ना बहुत अच्छा लगता है. क्वालिफिकेशन की बात की जाये तो में बी-टेक कंप्यूटर साइंस से अध्यनरत हूँ.

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