Nipah virus: 2 दिन कोमा में, नहीं तो मौत- निपाह वायरस

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देश की राज्य केरल मैं कोझिकोड जिले के गांव निपाह वायरस का कहर झेल रहा है. Nipah virus कितना खतरनाक होता है, कि एक बार इसकी चपेट में आने के बाद मरीज 24 से 48 घंटे में कोमा में भी जा सकता है. कितना खतरनाक है. यह निपाह वायरस nipah virus और किस तरीके से लोग इसके संक्रमण में आ जाते हैं. आज इस बारे में चर्चा करेंगे. ताकि भयानक वायरस से लोग आसानी से लड़ सकते हैं:

क्या है निपाह वायरस nipah virus की कहानी

सन 1998 में मलेशिया के कांपुंग सुंगई के निपाह गांव मैं, इस वायरस के संपर्क से पहली बार कोई पीड़ित हुआ था. जिस कारण से इस वायरस का नाम निपाह रखा गया. वायरस के संक्रमण में आने वाले लोग सूअर पालने का कार्य किया करते थे.

कैसे फैलता है निपाह वायरस

वायरस को फैलाने का कार्य चमगादड़ के द्वारा किया जाता है. यह चमगादड़ फ्रूट बैट प्रजाति के होते हैं. जानवर एक प्रकार का स्तनधारी जीव होता है. जो अपने में उड़ने की क्षमता भी रखता है. फ्रूट बैट पेड़ों पर लगी फलों को खा कर उन्हें संक्रमित कर देता है. पेड़ से नीचे गिरे फलों को कोई जीव या व्यक्ति के खाना खाया जाता है तो वह इस वायरस की चपेट में आ जाता है.

bats are ni pah virus distribution in human
bats are ni pah virus distribution in human

क्या है निपाह वायरस का खतरनाक रूप

निपाह वायरस अपने में बेहद ही खतरनाक है. जब भी कोई व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित मरीज के संपर्क में आता है, तो यह तुरंत फैल जाता है.आपको बता दे इस वायरस का कोई इलाज नहीं है. मरीज में इसके संक्रमण फैल जाने के बाद 24 से 48 घंटे के लिए कोमा में चला जाता है. उसके बाद उसकी मृत्यु तक हो जाती है.

कहां पर थी निपाह वायरस की खोज

इस वायरस की खोज मलेशिया के शोधकर्ता डॉ़ बिंग द्वारा 1998 में की गई. बाद में बांग्लादेश में भी वायरस की चपेट आने वाले लोगों की खबरें सामने आई.

this is the nipah virus
this is the nipah virus

कैसे फैलता है निपाह का संक्रमण

वायरस फल और सब्जी खाने वाले सूअर और चमगादड़ के द्वारा फैलता है. इसका संक्रमण जानवरों और व्यक्तियों में तेजी से फैलता है.

पता करें निपाह वायरस के लक्षण

मरीज नीचे दिए गए लक्षणों से ग्रसित है, तो नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच जरूर करवाएं. लक्षण जैसे कि
धुंधला दिखना,चक्कर आना,सिर में लगातार दर्द रहना,सांस में तकलीफ और तेज बुखार.

pigs are also distribute virus fever
pigs are also distribute virus fever

ऐसे बचाएं बचाएं खुद को वायरस की चपेट से

पेड़ से नीचे गिरे हुए फलों को न खाएं. मार्केट से सी सब्जियां ना खरीदें, जिन पर जानवर की खाने के निशान हो. जहां पर चमगादड़ की संख्या अधिक हो, वहां पर खजूर ना खाएं और संक्रमित रोगियों से दूर रहें.

निपाह वायरस पर डॉक्टरों की सलाह

डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक खाना चमगादड़ के मल से दूषित, कुतरे हुए फल, पेड़ के पास खुले कंटेनर में बनी टोडी शराब और पीड़ित व्यक्ति से संपर्क न करें.

अगर इनसे संपर्क होता है. तो अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरीके से धोएं.

लक्षण शुरू होने के बाद मरीज की कोमा जाने की संभावना बढ़ जाती है.

शौच में इस्तेमाल होने वाले बाल्टी, और साबुन को अच्छे से साफ करें.

बुखार से मरने वाले व्यक्ति का मुंह ढक कर रखें.

व्यक्ति की लाश को जलाने के बाद खूब अच्छी तरह से नहाए.

doctor have protection in treatment of nipah patient
doctor have protection in treatment of nipah patient

डॉक्टरों बताया वायरस का संक्रमण

वायरस की माने तो जब भी कोई व्यक्ति इस के संक्रमण में आता है.

तो उसके शरीर में एसिम्प्टोमैटिक इन्फेक्शन से लेकर तीव्र रेस्पिरेटरी सिंड्रोम और घातक एन्सेफलाइटिस तक का क्लिनिकल प्रजेंटेशन आता है.

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