4 मटको की व्यथा | प्रेरणास्पद हिंदी कहानी

4 मटको की व्यथा | प्रेरणास्पद हिंदी कहानी

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हेलो दोस्तों, देसी डोज की यू कैन (you can) यानी “आप कर सकते हो” की कैटेगरी में हम आज आपको एक मोटिवेशनल कहानी सुनाने जा रहे हैं। दरसल यू कैन कैटेगरी का निर्माण मोटिवेशनल, जिंदगी में उत्साह भरने वाली और चमत्कारिक लोगों के मेहनत की कहानियों को बताना है। यदि आप किसी काम को कर रहे हैं, और सफलता नहीं मिल रही। यदि आप अपनी कुछ असफलताओं को लेकर निराश है। तो यह 4 matko ki kahani कहानी आप में नया जोश भर देगी:

चार मिट्टी के घड़ों की कहानी | 4 matko ki kahani

एक समय की बात है, एक गांव में एक कुमार रहा करता था।

कुमार वही है, जो व्यक्ति मिट्टी के बर्तन व मटके बनाने का कार्य करते हैं।

उस समय शीत ऋतु चल रही थी। एक दिन कुमार ने मिट्टी के बर्तनों के साथ चार घड़े भी बना डाले।

यह पानी के घड़े दिखने में बेहद ही बड़े और सुंदर थे।

अपने में बेहद ही आकर्षक रूप रखने वाले यह 4 घड़े को लेकर कुमार चिंतित रहने लगा।

क्योंकि उसकी दुकान मैं काफी सारे बर्तन तो बिक रहे थे।

लेकिन वे 4 घड़े ही थे, जो कोई भी नहीं खरीद रहा था।

क्यों आ गई चार घड़ो में निराशा

जब कुमार के सारे बर्तन एक-एक करके बिक रहे थे। तो यह 4 घड़े एक दूसरे को देखकर के निराश होने लगे।

कुछ दिनों बाद, वे यह भी सोचने लगे कि उनका बनना ही बेकार था। हम लोगो का दुकान में होने का कोई काम नहीं है।

जब शाम के वक्त सभी बर्तन बिक गए, तो 4 घड़े अपना अकेलापन मिटाने के लिए एक दूसरे से बातचीत करने लगे।

पहले घड़े ने क्या कहा

मैं एक बहुत ही बड़ी और सुंदर मूर्ति बनना चाहता हूं। ताकि किसी अमीर के घर की शोभा बढ़ा सकूं।

जब भी लोग मुझे देखें, तो गर्व महसूस करने लगे। लेकिन मैं तो केवल एक घड़ा ही बनकर रह गया।

जिस से कोई पूछता तक नहीं। जिसे देख दूसरा घड़ा क्या बोला?

pahle matke ke jivan ka uddeshya murti banana tha
pahle matke ke jivan ka uddeshya murti banana tha

दूसरे घड़े ने अन्य को क्या कहा

पहले एक घड़े की बात सुनने के बाद दूसरा घड़ा भी बोला कि मेरी भी किस्मत बेकार ही है।

मेरा सपना तो एक दिया बनने का था। ताकि जब भी मैं जलता, तो किसी के घर में उजाला करता और जगमगाता रहता।

लेकिन कितनी खराब किस्मत है, मेरी जो केवल एक घड़ा बनकर ही रह गया।

dusra matka mitti ka diya kyo banana chahta tha
dusra matka mitti ka diya kyo banana chahta tha

दूसरे घड़े को सुन तीसरा घड़ा क्या बोला

दोनों ही घड़ो की बात सुनकर तीसरा घड़ा और भी ज्यादा दुखी था।

उसने कहा मुझे तो पैसों से बहुत ही ज्यादा प्यार है।

मेरा सपना था कि मैं एक गुल्लक बनू। मगर मैं एक गुल्लक होता,

तो लोग मुझे कुमार से खरीद कर अपने घर ले जाते और उसमें खूब सारा पैसा भर के रखते।

लेकिन मेरी किस्मत में, तो केवल तुम्हारी तरह घड़ा बनकर रहना ही रह गया।

tisra matka mitti ki gullak banana chahta tha
tisra matka mitti ki gullak banana chahta tha

क्यों तीनों घड़ो को आया गुस्सा

जब 3 घड़े अपनी बात कह चुके थे। तो चौथा घड़ा उन तीनों को सुनने के बाद मन ही मन मुस्कुराने लगा।

जिसे देखकर तीनों घड़े गुस्से में आ गए। उन तीनो से रहा नहीं गया।

तो उन्होंने चौथे घड़े को पूछ ही लिया, क्यों भाई तुम इतना खुश क्यों हो?

क्या तुम्हें घड़ा बनने का बिल्कुल भी दुख नहीं है।

तो मैं आपको बता दूं अभी तक 3 महीने बीत चुके हैं।

लेकिन तुम्हारा कोई भी खरीदार नहीं मिला।

चौथे घड़े ने क्या कहा

तीनों घड़ो ने जब चौथे घड़े को मुस्कुराता हुआ देखा, तो उससे पूछ ही लिया कि भाई तुम इतना क्यों मुस्कुरा रहे हो।

फिर चौथे घड़े ने थोड़ा सा मुस्कुराया और बोला आप तीनो को क्या लगता है मैं दुखी नहीं हूं?

मैं तो एक खिलौना बनना चाहता था, ताकि जब भी कोई बच्चे मुझसे खेले।

तो वह बेहद ही खुश रहे और उनकी प्यारी सी हंसी को देखकर मैं भी बहुत खुश होता।

लेकिन कोई बात नहीं हम अगर एक उद्देश्य में फेल हो गए तो क्या हुआ!

दुनिया में अवसरों की कोई कमी नहीं है। 1 गया तो आगे और भी अवसर मिलेंगे बस हमें धैर्य रखना होगा।

इंतजार करना होगा, चौथे घड़े की बात सुनने के बाद अन्य तीसरे घड़ो में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

choutha ghada mitti ka khilona banana chahta tha
choutha ghada mitti ka khilona banana chahta tha

क्या हाल था चारों घड़े का एक महीने बाद

4 matko ki kahani: 3 महीने के बाद एक महीना और निकल गया।

ऐसे करके 4 महीने निकल गए और शीत ऋतु का अंत भी हो गया।

गर्मियों की शुरुआत हो ही गई थी। लोग ठंडे पानी के लिए मटकी ढूंढ रहे थे।

जैसे कि पहले बताया चारों बड़े-बड़े और सुंदर तो थे ही, जब भी लोगों ने उन चारों घड़ो को देखा।

तो उनके आकार और सुंदरता के चलते उन्हें तुरंत ऊंचे दामों पर खरीद लिया।

अब वे चारों घड़े लोगों की प्यास बुझाते हैं। जिससे उन्हें दुआओं के साथ-साथ आशीर्वाद भी मिलता रहता हैं।

चार घड़ो वाली कहानी 4 matko ki kahani से क्या शिक्षा मिली

दोस्तों आपको इन चार घड़ो की कहानी बहुत पसंद आई होगी। लेकिन यह कहानी आपको एक अनोखी और बढ़िया सीख भी देती है।

यदि आप भी इन चार घड़ो की जगह अपने को रखें, तो हमें पता चलेगा कि जीवन में हम भी कुछ सपने अपने अंदर रखते हैं।

जिनके पूरा ना होने पर हम भी निराश हो जाया करते हैं। जीवन में अपने उद्देश्यों की पूर्ति ना होने के कारण निराशा का भाव आना एक मानवीय क्रिया है, जो स्वभाविक है।

लेकिन हमें यह बात ना सोचते हुए, यह सोचना चाहिए कि क्या हुआ।

जो हम हमारे जिंदगी के उद्देश्य में फेल हो गए। घड़ो की तरह एक दिन हमारा भी आएगा।

जब आपके पुराने उदेश्यो से भी बड़े उद्देश्य में आप सफल हो जाओगे।

जिसके लिए हमें केवल धैर्य ही रखना होगा। धैर्य होने के साथ-साथ हमें अपना काम भी लगातार करना होगा।

4 matko ki kahani ka uddeshya
4 matko ki kahani ka uddeshya
धैर्य रखने का एक और उदाहरण | 4 matko ki kahani

अपने टीवी चैनल या वीडियो में कभी गिद्ध या चील को शिकार करते हुए देखा होगा।

यह लोग बहुत ऊंचाई पर बैठे हुए अपने शिकार को एक टक-टकी लगाए हुए घंटों देखा करते हैं।

जैसे ही वह सही मौका पाते है तो अपनी एक उड़ान में वह पलक झपकते ही अपने शिकार को धर दबोच लेते हैं।

इसी प्रकार जीवन में उद्देश्य की पूर्ति ना होने से निराश होने की बजाय धैर्य रखें। ताकि हमें भविष्य में आगे सफलता मिल सके।

desidozz.com का आपसे छोटा सा निवेदन

पानी की कहानी सुनाते-सुनाते याद आया कि हम लोगों के यहां भी अभी गर्मी शुरू होने वाली है।

तो हमारा आपसे छोटा सा निवेदन यही होगा कि आप भी अपनी छत के ऊपर पानी का एक छोटा बर्तन भरकर जरूर रखें।

ताकि किसी बेजुबा पक्षी को गर्मी के मौसम में अपने गले की प्यास को बुझा सके।

हो सकता है, आपका यह छोटा सा काम किसी पक्षी की प्यास को बुझा सकता है।

अगर आप यह कहानी पूरी पढ़ चुके हैं, तो छत पर रखे पानी के बर्तन के साथ अपनी सेल्फी हमें ईमेल और व्हाट्सएप करना बिलकुल ना भूले।

पक्षियों के लिए जल सेवा करने वाले 10 लोगो की फोटो को हम न्यूज़ स्टोरी के माध्यम से प्रकाशित करके शेयर करेंगे।

garmi me pakshiyo ke liye pani ke bartan rakhe
garmi me pakshiyo ke liye pani ke bartan rakhe

देसी डोज़ ईमेल आईडी: [email protected]

देसी डोज़ व्हाट्सएप नंबर: 7470565333

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