With this technique, you can quickly identify the adulteration of milk

इस तकनीक से झट से पहचान सकते हैं दूध में होने वाली मिलावट के बारे में

Life Easy
363 Views

 

दूध का दूध और पानी का पानी’ ये कहावत तो वैसे सभी ने सुनी होगी। हालांकि इतना तो सभी को समझ मे आता है कि जब दूध में ज्यादा पानी मिला दिया जाता है तो ये समझ आने लगता है कि इस दूध में पानी मिला है। लेकिन अगर वहीं पानी की मात्रा काफी कम है तो उसे पहचानना काफी मुश्किल हो जाता है।

आज के समय में मिलावट काफी तेजी से देखने को मिलती है। लेकिन हम सभी के लिए मिलावट को पहचान पाना काफी मुश्किल हो जाता है। आज के समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए दूध से हर चीज में मिलावट देखने को मिलती है। लेकिन इसे कैसे पहचाने यह हम सभी के लिए एक बड़ी चुनौती है। लेकिन आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।

इस तरह से पहचान सकते हैं मिलावट

This way you can mix in Milk
This way you can milk adulteration

भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान आईआईटीआर ने फोकस मिशन की शुरूआत की है।

इस मिशन के माध्यम से ऐसे डिवाइज तैयार किए गए हैं,

जिनकी मदद से आप तुरंत पता कर सकते हैं,

कि दूध में मिलावट है अथवा नहीं। पूरे भारत में दूध में मिलावट का स्तर,

आज के समय में बड़ी तेजी से फेल रहा है।

और यह 60-70 प्रतीशत है। जहां एक ओर दूध और,

उससे बने उत्पाद शाकाहारी लोगों के लिए कैल्शियम का प्रमुख स्त्रोत है।

लेकिन इसमें हो रही मिलावट काफी नुकसानदायक भी है।

ऐसे में इसका पता चलना हम सब के लिए बहुत जरूरी है।

मिलावट को रोकने के लिए फोकस मिशन हुआ लाॅन्च

दूध में या फिर दूध से बने उत्पादों में हो रही मिलावट को रोकने के लिए केन्द्र सरकार ने फोकस मिशन लाॅन्च किया है।

भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान के निदेशक प्रो. आलोक धवन ने बताया की दूध में यूरिया,

बोरयिा एसिड और डिटर्जेंट की पहचान करने के लिए स्ट्रिप पेपर बनाया गया है।

इसकी मदद से घर बैठे ही ग्रहिणी नकली दूध की पहचान कर सकेगें।

दूध से बने उत्पाद रहेगें सुरक्षित

आगे बताते हुए धवन ने बताया की गांव में ज्यादातर मिलने वाले खाद्य पदार्थ शुध्द होते हैं,

लेकिन शहर में आते-आते उनमें काफी हद तक मिलावट हो जाती है।

इस स्ट्रिप को जल्द ही हम बाजार में एक कंपनी के द्वारा लाएंगे ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यह पहुंच सके।

इस फोकस मिशन के तहत दूध ही बल्कि दूध से बने खाद्य पदार्थों के मिलावट को बहुत ही आसानी से पहचाना जा सकेगा।

इतना ही नहीं इन्हे लम्बे समय तक सुरक्षित रखा भी जा सकता है।

मिलावट से दूध को बना देते हैं गाढ़ा

पिछले कई वर्षों से भारत विश्व मेें सबसे अधिक दूग्ध उत्पादन करने वाला देश बन गया है।

लेकिन हाल ही में भारतीय पश कल्याण बोर्ड के सदस्य मोहन सिंह अहलुवालिया ने कहा है,

कि दूध और दूध से बने उत्पाद में बड़ी मात्रा में मिलावट देखने को मिल रही है।

देश में बिकने वाले करीब 68.7 प्रतिशत दूध और दुग्ध उत्पादन भारतीय खाद्य मानकों के हिसाब से सही नहीं है।

उन्होने यह भी कहा था कि यूरिया, स्टार्च, ग्लुकोच और फोर्मलिन जैसी चीजें दूध में विके्रताओं द्वारा जान-बूझकर मिलाई जाती है।

इससे दूध को गाढ़ा बनाने और लंबे समय तक चलाने में मदद मिलती है।

All story image source from Google

हमारे सोशल परिवार का हिस्सा बनने के लिए आगे दिए सोशल बटन पर लाइक तथा फॉलो जरूर करे:

और

भविष्य में आने वाली नयी Life Easy News अपडेट के लिए सीधे हाथ पर दिए नोटिफिकेशन को चालू (allow) और डाउनलोड करे फ़ास्ट Mobile App .

जानकारी को सबसे पहले अपने दोस्तों तक पहुंचने के लिए नीचे दिए सोशल मीडिया की मदद ले और शेयर करे |

इस तरह की खबरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए ‘सब्सक्राइब’ करे।


How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating / 5. Vote count:

As you found this post useful...

Follow us on social media!

We are sorry that this post was not useful for you!

Let us improve this post!

Author Profile

Ramgovind kabiriya
Ramgovind kabiriya
मैं रामगोविन्द कबीरिया मुझे लिखने का काफी शौक है, मैं कन्टेन्ट राइटिंग में पिछले तीन सालों से काम कर रहा हूॅं। मैंने इन्दौर के डीएवीवी यूनिवर्सटी से एम.ए. मासकम्युनिकेशन किया है। इसके अलावा मैंने कम्प्युटर के क्षेत्र से सम्बधित पीजीडीसीए भी किया है। मैं न्यूज़, फैशन, धर्म, लाईफस्टाइल, वायरल स्पाॅर्टस आदि सभी कैटेगिरी में लिखता हूॅं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *