खारोल समाज के विकास पर युवाओ के गुप्त विचारो का महा-मंथन

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परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है ! समय-समय पर कुछ ना कुछ परिवर्तन लाना आपको और आपके समाज को विकास की ओर आगे बढ़ाने का काम करता है. इसी के चलते पहली बार अखिल भारतीय खारोल समाज kharol samaj मध्यप्रदेश के युवा और समाज सेवक हमारे देसी डोज़ के मंच से जुड़े.

जहाँ उन्होंने ना सिर्फ अपने विचारो को रखा.

बल्कि समाज को नयी दिशा देने के लिए मार्ग दर्शन भी किया है.

देसी डोज़ के मंच पर आने के लिए और अपनी बात को रखने के लिए आपका आभार व्यक्त किया जाता है.

मंच पर उन्ही लोगो को बुलाया गया है.

जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समाज में बदलाव लाने और क्रांतिकारी विचार रखते है.

यह मंच और पोस्ट की खबर उन लोगो के लिए नहीं है.

जो अखिल भारतीय खारोल समाज को अन्य समाज के बराबर खड़ा हुआ नहीं देखना चाहते और ना ही समाज में कुछ परिवर्तन लाने की इच्छा रखते हो.

गर्मी में नीम्बू पानी पीना किसी अमृत से कम नहीं, लेकिन ठण्ड में पीना क्या उचित है?

क्या है खारोल समाज kharol samaj गुप्त विचार मंथन

देसिडोज़ के मंच पर विचारो का यह मंथन पहले लोगो के नामो के साथ रखा गया था.

लेकिन समाज के युवा और कुछ सेवक अपने नाम के साथ विचारो को रखने में डर रहे थे.

उनका यह मानना था कि लोग क्या कहेंगे?

समाज और राष्ट्र के हित में कोई विचार या अपनी बात को रखने में डरना कैसा?

जिस कारण हमने इस विचार मंथन का स्वरुप परिवर्तित कर गुप्त विचार मंथन कर दिया.

गलत खान-पान नहीं बल्कि रोज की इन आदतों से फ़ैल रहा डायबिटीज़

kharol samaj खारोल समाज के युवाओ के गुप्त विचार मंथन का लक्ष्य

देसीडोज़ के मंच पर पधारे हुए सभी लोगो के द्वारा बताये गए विचारो, सुझावों और नयी सोचा को आपके सामने रखा जायेगा.

सभी लोगो के विचारो के बाद देसिडोज़ के मंच पर निष्कर्ष और परिवर्तन को रखा जायेगा.

तो चलिए, देसिडोज़ के खारोल समाज विचार मंथन के मंच की क्रिया को गति प्रदान करते है:

अपने विचारों को कमेंट बॉक्स में रखें और शेयर करें |

Posted by Desi Dozz on Friday, November 2, 2018

1. गुप्त समाज सेवी विचारक:

खारोल समाज के गुप्त समाज सेवी विचारक की माने तो इस वर्ष अक्टूबर 2018 की महिदपुर रैली में मध्य प्रदेश की नयी कार्यकारणी का गठन हुआ.

जिसमे नए चहरो को मंच पर उतार कर उनका स्वागत सत्कार कर प्रदेश को विकास के लिए आगे बढ़ाया.

हालहि में बने मध्यप्रदेश के नए अध्यक्ष और कार्यकारणी अपने कार्य काल में नए एजेंडो को लेकर आये.

ताकि उज्जैन जिले में धर्मशाला तथा मंदिर निर्माण करवाया जा सके.

इससे पहले भी कई बार प्रदेश अध्यक्ष और नई कार्यकारणी का गठन हुआ.

लेकिन प्रदेश में खारोल समाज में विकास के नाम पर कोई भी परिवर्तन नहीं आया.

केवल बातो में ही समाज का विकास होता रहा है.

रैली या किसी भी सामाजिक आयोजन में उन लोगो को ही साफे और मालाओ के साथ सम्मानित किया जाये.

जिन्होंने प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से समाज के विकास में योगदान दिया हो.

ना केवल पद या कार्यभार की जिम्मेदारी को लेकर निर्वाह ना किया हो.

पशु पक्षी के ये संकेत बताते हैं क्या होने वाला है भविष्य में आपके साथ

2. गुप्त समाज सेवी विचारक

जय मां शाकंभरी गुप्त समाज सेवी विचारक ने समाज के विकास के लिए पेसो और खर्चो पर अपने विचार रखे है.

उनकी माने तो समाज में एक साल भर में होने वाली मीटिंग रैली या किसी अन्य आयोजन में व्यर्थ का पैसा इतना खर्च होता है. कि उन पैसो से हर साल बच्चो के लिए एक स्कूल का निर्माण किया जा सकता है.

खर्चे कम करके पैसों को समाज के विकास में लगाना. उसकी प्रगति के लिए उत्तरदायी होगा.

गांव-गांव जाकर लोगो से समाज के विकास के लिए चंदा लेने पर कार्यकर्ताओ को काफी तकलीफो का सामना करना पड़ता है.

तो हमारी समाज में इतने धनाट्य लोग नहीं है. मां शाकंभरी के जन्मोत्सव पर ज्यादातर जगहों पर बाइक रैली ना निकल कर पद यात्रा निकाली जाये.

जिससे पेट्रोल, वातावरण और ट्रैफिक में फसे लोगो को समस्या ना हो.

दूसरे समाज वर्ग के लोग भी हमारे समाज से सिख सके की पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन को समाज और राष्ट्र के विकास के लिए कैसे बचाया जा सकता है.

इसके साथ हम भी गर्व से कह सकेंगे, कि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन को बचाने के लिए वहां रैली का विरोध सर्व प्रथम खारोल समाज ने किया. .

डगमगाए हुए आत्मविश्वास को बनाये रखने के लिए करें बस ये उपाय

3. शाकम्भरी सेना के गुप्त युवा कार्यकर्ता

बड़े लोगो के विचारो के बाद अब में कुछ नए युवा वर्ग को आपके सामने लेकर आऊंगा. जिसमे सबसे पहले हम बात करेंगे.

गुप्त युवा कार्यकर्ता से जिन्होंने देसिडोज़ ( ऑनलाइन समाचार पत्रिका ) के साथ अपने विचार रखे.

उनकी माने तो खारोल समाज के विकास के लिए मजबूत संघठन का होना जरुरी है.

जिसके लिए प्रदेश के तहसील में जिलों के आधार पर ना होकर तहसील के आधार पर टीम बनायीं जाये.

समाज के हर घर जाकर उनको विकास के बारे में जुडी जानकरी दे, तथा उनकी स्वेछा से कुछ चंदो लिया जा सके.

तहसील में समाज के नाम पर बैंक अकाउंट खुले. जिसके नंबर तहसील में सभी के पास हो.

जो गुप्त दान करना चाहे, वो डायरेक्ट जाकर बैंक में जमा करा सकता है.

हर छ: महीने में ज्यादा कलेक्शन होने वाले युवा को सम्मानित करे.

किसी आयोजन में दान में आयी राशि का खुलासा कर लोगो से किसी विकास कार्य में लगाने के बारे में पूछा जाये.

उल्लू का दिखना न करें नज़र अंदाज, ये आपको शुभ अशुभ का संकेत देता है

4. मां शाकंभरी सेना के उभरते कार्यकर्ता

विचारो के इस मंथन में अपने काफी गणमान्य लोगो के विचार को रखे. अब इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए.

मध्यप्रदेश के कुछ उभरते हुए कार्यकर्ता गुप्त युवा कार्यकर्ता द्वारा हमारे समाज के विकास के लिए बताया कि मैने हालहि में महिदपुए सिटी में हुई रैली में शामिल हुआ था.

जहाँ काफी अच्छी व्यवस्था के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया गया.

लेकिन जब मैने देखा कि खाने के प्रबंध की व्यवस्था केवल एक ही परिवार के द्वारा की गयी. वो बात मुझे काफी सराहनीय लगा.

मुझे ऐसा लगता है, कि खारोल समाज के किसी भी आयोजन और रैली में यदि भोजन व्यवस्था हो तो.

वह अलग-अलग परिवार के व्यक्ति एक साथ मिलकर कोई पूरी, कोई सब्जी, कोई मिठाई के द्वारा योगदान दे.

ऐसा करने से समाज के द्वारा बचाया गया धन विकास के कार्यो में लगाया जा सकता है.

उसका दूसरा अच्छा सवरूप यह भी है. कार्यक्रम होने वाले गांव या तहसील में खारोल समाज के परिवारो की एकता को भी दर्शाता है.

समाज एक परिवार है, परिवार के विकास के लिए हर सदस्य को समय- समय पर अपनी भागीदारी निभानी होगी.

इन तीन महीनों में जन्मे लोग किस्मत साथ लेकर पैदा होते हैं

5. उभरते हुए कार्यकर्ताओ में अब अध्यापक

वरिष्ठ नए और जुझारू कार्यकर्ताओ के क्रम में अब में मिलवाने वाला हूँ. एक नए युवा जिन्होंने अभी- अभी प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना शुरू किया है.

गुप्त युवा कार्यकर्ता अध्यापक ने भी समाज को विकास की ओर ले जाने के लिए अपनी बात रखी.

उनकी माने तो समाज के विकास के लिए लोगो को अपने विचारो में बदलाव लाना होगा.

नीचे तबके के व्यक्ति व्यसन ( शराब, धूम्रपान और मॉस ) के अत्यधिक उपयोग के चलते खुद को गिरा ही रहा है.

वह इन सब पर इतना खर्च कर देता है. लेकिन वह कभी अपने परिवार और बच्चो के बीच अच्छी शिक्षा, भोजन और नए विचार को नहीं रख पता.

इस तरह की बुराइयों और अन्य कुरीतियों को कम करने का प्रयास करना चाहिए.

इसलिए हमे चाहिए कि खुद और परिवार के अंदर भी ऐसी चीज़ो का बहिष्कार करना चाहिए,

जो परिवार के विकास में बाधक है. ऐसी नीतियों को अपनाना होगा.

साथ में समाज के बड़े लोगो को भी चाहिए की वह हर कार्यक्रम में कुछ समय ऐसे मुद्दों पर भी बोले.

मोर पंख के फायदे जान आप भी इसे रखने लगेंगे अपने घर में

देसिडोज़ खारोल समाज kharol samaj गुप्त विचार मंथन

मंच पर पधारे हुए सभी गणमान्य लोगो ने समाज को विकास की ओर ले जाने के लिए अपने अपने विचारो को रखा.

आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने विचारो को रखना, बिलकुल ना भूले.

खारोल समाज के विकास के लिए देसिडोज़ पर अगला विचार मंथन का टॉपिक होगा.

महाकाल की नगरी उज्जैन में खारोल समाज के किस प्रकार के भवन का निर्माण होना चाहिए ?

A) मंदिर

B) धर्मशाला

C) मंदिर के अंदर धर्मशाला

D) धर्मशाला के अंदर मंदिर

E) छात्रावास

F) उपरोक्त सभी

सभी पाठक खारोल समाज के विकास के लिए अपने सुझाव “जय माँ शाकंभरी ” लिखकर “आपके विचारो का सन्देश टाइप करे” जिसे व्हाट्सप्प 7470565333 पर भेज दे.

विचारो के मंथन पर क्रांतिकारी विचार

विचारो के मंथन की बात की जाये तो हमारे फाउंडर प्रकाश पँवार खारोल खुद भी खारोल समाज से है.

उन के विचार क्रांतिकारी होने के साथ-साथ एक सभ्य समाज से तुलनात्मक दृष्टिकोण भी रखते है.

उनके हिसाब से खारोल समाज का विकास एकता और मजबूत संघठन के आधार पर हो सकता है.

खारोल समाज को आज दूसरे समाज की तुलना में कंधे से कन्धा मिलकर चलने की आवश्यकता है.

क्या आप भी हाथ में कड़ा पहनने का रखते हैं शौक तो ये खबर जरूर पढ़ें..

जिनके प्रमुख बिंदु निम्न प्रकार है:

1. सामाजिक रैली या कार्यक्रम में एक प्रकार के रंग का वेश होना चाहिए.

जिस कारण समाज के गरीब और अमीर घर का लड़का एक जैसा दिख सके.

2. महिलाओ को आगे की शिक्षा के लिए बढ़ावा देना होगा.

कार्यक्रम में पुरषो के बराबर महिलाओ को सम्मान और बैठने का दर्जा दिया जाना चाहिये.

जो आजकल हर समाज में देखने को मिल रहा है.

3. समाज के उन लोगो को भी सम्मानित करना चाहिए.

जो काफी मेहनत के बाद कामयाबी का मुकाम हासिल कर चुके हो,

जिसके सम्मान करने के बाद लोगो को उससे कुछ सिख सके.

4. किसी भी कार्यक्रम की शुरुआत में खारोल समाज के बारे में संक्षिप्त परिचय जरूर देना चाहिए.

ताकि बच्चे-बच्चे को अपनी समाज के बारे में विस्तार से पता हो.

5. सम्मानित व्यक्ति को मंच पर बुलाने से पहले उसके द्वारा किये गए कार्यो को सबसे पहले रखे.

6. त्योहारों के मौको पर समाज के अध्यक्ष साहब के द्वारा त्योहारों की बधाई कार्ड केवल प्राइवेट कुरियर के माध्यम से लोगो तक पहुंचाने चाहिए.

7. एक ही परिवार के लड़की और लड़के का रिश्ता दूसरे परिवार के लड़के तथा लड़की से ना करे.

यह भविष्य के लिए परेशानियां ला सकता है.

8. परिवार में किसी की मृत्य हो जाने के दसवे या बारहवे दिन होने वाले मोसर या घाटे जैसे कार्यक्रम में आये हुए.

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सभी मेहमानो को तहसील समाज के कार्यकर्ता द्वारा दो मिनट का सामूहिक मौन रखवाना चाहिए.

जिससे सामने वाले की आत्मा को शांति मिले. अमीर हो या गरीब पूड़ी-सब्जी के अलावा कोई खर्चा ना करे.

बल्कि कुछ पैसे को विकास और मंदिर के नाम से दिया जा सके.

जिससे मरने वाले के नाम से पैसे धर्म कार्य में लग सके.

9. समाज में ऐसे कार्यकारणी या हेल्प लाइन नंबर भी हो.

जो भावी छात्र और छात्राओं का मार्गदर्शन कर सके.

10. अच्छे कार्यकर्ताओ और बड़े अध्यक्षों के बढ़िया कार्य के चलते उन्हें समाज में एक वरिष्ठ और स्थायी पद दिया जाना चाहिये.

11. यदि आपके मोह्हले या तहसील में आपके समाज की कोई भी दुकान हो.

तो दूसरी दुकान पे जाने की बजाय अपने समाज की दुकान को प्राथमिकता दे.

क्योकि यदि आप ही अपने लोगो को ऊपर नहीं उठाएंगे. तो दूसरे लोगो भी आपके कैसे सीख सकेंगे.

12. कार्यकारणी के कार्यकर्ता को छोड़कर खारोल समाज के अन्य लोगो को मंच पर आमंत्रित करना चाहिये.

हर कार्यक्रम और समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी मच पर आकर लोगो को बताये की वह किस क्षेत्र में समाज के विकास के लिए कार्य कर रहे है.

और उनका यह नंबर है. ताकि लोग अपने सुझाव भी उनको दे सकेंगे.

ताकि वजह विकास पर अपने विचार रख सकेंगे.

आपको भी है अगर खुबसूरत लड़कियों की तलाश तो देश के ये तीन जगहों के बारे में जान लें..

13. यह बात गांठ बांध ले, कि केवल और केवल आप अपने विचारो में बदलाव में लेकर ही अपनी समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते है.

विचारो में परिवर्तन लाने के लिए पैसों की आवश्यकता नहीं होती.

Posted by Desi Dozz on Friday, November 2, 2018

गुप्त विचार मंथन kharol samaj को लाने में आयी परेशानियां:

आपको यह बताते हुए बेहद ही दुःख की अनुभूति हो रही है कि जब ऐसे विचारो को समाज के लोगो बीच रखा गया.

तो लोग सामने आकर बोलना ही नहीं चाहते. मानो ऐसा लगता है कि हम यानि हमारी समाज अभी जिस भी स्तर पर है,

वहां खुश है. लोगो की एक ओर मान्यताओं को देखा गया. कि शायद हमारी खारोल समाज में बदलाव लाने के लिए भगवान जाने कितना पैसा लगेगा.

कही तो यह भी मान्यता है कि अगर हम कोई विचार रखेंगे, तो मेरा पडोसी क्या बोलेगा.

पूर्व में दिए गए विचार भी लोगो के द्वारा फ़ोन पर ठीक प्रकार से दिए नहीं गए.

उनके विचारो को बहुत ही सोच और विचार करने के बाद शब्दों का रूप दिया गया.

जिसे उनके दिखने के बाद सहमति प्राप्त हुई.

इन अक्षरों के नाम वाली लड़कियां किस्मत वालों को ही मिलती हैं

जन जागरण के लिए समाज से जुड़े बड़े कार्यक्रम और आयोजनों की खबरों को देने लिए निशुल्क संपर्क करें.

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