Rangoli की ये खूबसूरत डिज़ाइन चारों ओर फैला देती हैं खुशियां

Rangoli की ये खूबसूरत डिज़ाइन चारों ओर फैला देती हैं खुशियां

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दिवाली का त्यौहार काफी नज़दीक है, दिवाली को लेकर हर जगह उत्साह देखने को मिलता है, कई तरह से घर सजाए जाते हैं, हर घर के आंगन में Rangoli देखने को मिलती है। जिससे घर के आंगन की खुबसूरती में चार चांद लग जाते हैं।

एक मान्यता यह भी है कि अच्छी और खुबसूरत रंगोली से घर तो खुबसूरत दिखता ही है साथ ही माता लक्ष्मी का भी आगमन होता है इसलिए हर खुशी के मौके पर घर के आंगन में रंगोली सजाई जाती हैं।

दिवाली के इस शुभ अवसर पर हर घर व दुकानों या फिर अन्य स्थानों के द्वारा पर रंगो की या फिर फूलो की खुबसूरत रंगोली देखने को मिलती है। अगर आप भी अपने घर के आंगन में या घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाने की सोच रहे हैं तो यहां पर हम आपके लिए रंगोली का नमूना लेकर आए हैं जिसे आप अपने घर पर बना सकते हैं।

रंगोली से करें माता लक्ष्मी का आगमन

Arrival of Mata Lakshmi with Rangoli
Arrival of Mata Lakshmi with Rangoli

हिन्दू धर्म में दिवाली का अपना अलग महत्व होता है यही वो खास त्यौहार है,

जब आप सुख व समृध्दि की देवी माता लक्ष्मी को खुश कर अपनी व,

अपने पूरे परिवार की सारी समस्या को समाप्त कर सकते हैं।

ऐसी मान्यता है कि दिवाली पर मां लक्ष्मी सभी के घर जाती है और कृपा बरसाती है।

मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए लोग अपने घरों के मुख्य द्वार पर सुन्दर रंगोली बना कर,

माता लक्ष्मी का स्वागत करते हैं आप भी रंगोली की कुछ आसान और,

खुबसूरत डिज़ाइन को अपना कर माता लक्ष्मी को अपने घर बुलाएं।

रंगोली शब्द की उत्पत्ति

Origin of the word rangoli
Origin of the word rangoli

रंगोली के बारे में तो सभी जानते हैं कि यह एक खुबसूरत कृति होती है,

जिसे रंगो के माध्यम से घर के मुख्य द्वार या फिर आंगन में सजाया जाता है।

लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि रंगोली शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई?

दरअसल रंगोली शब्द संस्कृत के एक शब्द रंगावली से लिया गया है।

इसे अल्पना भी कहा जाता है। भारत में इसे सिर्फ त्योहारों पर ही नहीं,

बल्कि शुभ अवसरों, पूजा आदि पर भी बनाया जाता है।

इससे जहां आने वाले मेहमानों का स्वागत किया जाता है,

वहीं भगवान के प्रसन्न होने की कल्पना भी की जाती है।

रंगोली करती है खुशियों का संचार

Rangoli communicates happiness
Rangoli communicates happiness

दिवाली जहां खुद ही खुशियों का त्योहार है वहीं दूसरी ओर हर घर में बनी रंगाली,

इन्ही खुशियों में चार चांद लगाने का काम करती है। दिवाली पर अनेक घरों में,

रंगोली बनी देख कर मन अति प्रसन्न होता है। इसे त्योहार, व्रत, पूजा, उत्सव,

विवाह आदि शुभ अवसरों पर सूखे व प्राकृतिक रंगो से बनाया जाता है।

प्राचीन काल से चली आ रही रंगोली

Rangoli from ancient times
Rangoli from ancient times

रंगोली सजाने का प्रचलन कोई आज से नहीं बल्कि प्राचीन काल से प्रचलित है।

राजा महाराजाओं के समय में किसी के स्वागत के लिए रंगोली को मुख्य द्वार पर सजाया जाता था।

यही प्रथा आज भी विद्यमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी द्वार पूजन की परम्परा प्राचीन काल से रही है।

सत्यनारायण भगवान की कथा के दिन आटे से चैक पूरन की परम्परा आज भी है।

नीचे कुछ रंगोली की डिज़ाइन दी गई है, जिसे आप भी अपने घर पर बनाकर सुन्दरता में चार चांद लगा सकते हैं।

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