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क्या हर माँ बाप को जाननी चाहिए बच्चों को पालने की यह टिप्स

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बच्चों क्या भविष्य कैसा होगा? यह उनके परवरिश पर निर्भर करता है। देखा जाए, तो किसी की बच्चे की परवरिश के पीछे उसके माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कुछ बच्चों का स्वभाव अलग होने के कारण काफी पेरेंट्स तो उनकी परवरिश को लेकर के काफी मुश्किलें आती है। ऐसे में बच्चे को बेस्ट बनाने के लिए आपको बहुत कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। तो चलिए, आज हम bachon ki parwarish in hindi आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने वाले हैं। जिसे अपनाकर आप बच्चों को समझाने से लेकर उनकी अच्छी तरह से परवरिश कर पाएंगे:

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Bachon ki parwarish in hindi

  • बच्चों को दे पूरा समय
  • बातों में लाए प्यार का एहसास
  • चीजों को बच्चों पर थोपने से बचें
  • समय निकालकर उनसे बात जरूर करें
  • लड़ाई-झगड़े ना करने की शिक्षा दें

बच्चों को दे पूरा समय

देखा जाए, तो हर मां बाप अपने बच्चों का ध्यान रखते हैं, यह उनका फर्ज भी है। ऐसे में बिजी शेड्यूल के चलते हैं। कुछ वक्त निकालकर पूरा टाइम दे, पाना मुश्किल होता है। ऐसे में आपको उनके प्रति केयरिंग धैर्य और प्यार भरा व्यवहार कर रखना चाहिए। जिससे माता को ही नहीं बल्कि पिता को भी बच्चों की परवरिश में पूरा योगदान करना चाहिए। ऐसे में ऑफिस से आने के बाद या फिर समय मिलते ही बच्चों के साथ बैठना चाहिए।

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bacho ko apne pyar ka ehsas jarur de
bacho ko apne pyar ka ehsas jarur de

बातों में लाए प्यार का एहसास

अक्सर देखा गया है कि ज्यादा गुस्से के चलते बच्चे कोई बात नहीं समझते हैं। ऐसे में बच्चे गुस्से की जगह आप प्यार की भाषा से जल्दी समझ जाते हैं। तो कोशिश करें कि उससे कोई गलती होने पर गुस्से की बजाय। उसे प्यार और शांत मन से उस बारे में समझाएं। जिस कारण से वह उस जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा पाएगा। उन्हें यह भी पहचान करवाए की क्या गलत है और क्या सही।

चीजों को बच्चों पर थोपने से बचें

अक्सर देखने में आया कि कुछ मां बाप अपने बच्चों के ऊपर चीजों को थोपने की कोशिश किया करते हैं। फिर चाहे वह कुछ खाने की बात हो या फिर पहनने की कोशिश करें। आपने बच्चों पर कोई चीज थोपने की जगह। उसके साथ समय बिता कर उनके मन की बात को जानने का प्रयास कर सकते हैं। बच्चों पर ज्यादा दबाव डालने की बजाय। उन्हें स्वतंत्रता से बोलने का मौका दें। इसके अलावा उन्हें समझें और उनकी बातों को माने। अगर वह कहीं गलत है, तो आप उन्हें प्यार से उनकी गलतियों को बताएं। ताकि आगे के रास्ते सुधरने लगे।

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समय निकालकर उनसे बात जरूर करें

देखने में आया है कि बिजी शेड्यूल के चलते माता-पिता अपने बच्चों से बात नहीं कर पाते हैं।

ऐसे में आपको चाहिए कि पूरे दिन में से कुछ समय निकालकर।

परिवार को एक साथ बैठकर दिन भर की बातें करें।

मुख्य तौर पर आप बच्चों से उनके स्कूल, दोस्त, होमवर्क और उसकी गतिविधि के बारे में भी पूछ सकते हैं।

समय-समय पर आप उनकी स्कोर रिपोर्ट लेने स्कूल में भी जाएं।

जैसे: स्कूल की पेरेंट्स मीटिंग में जाना बिल्कुल भी नहीं भूले।

जिससे आपको बच्चे के बारे में ओर जानने में मदद मिलेगी।

samay nikal kar apne bacho se bat kare
samay nikal kar apne bacho se bat kare

लड़ाई-झगड़े ना करने की शिक्षा दें

bachon ki parwarish in hindi बचपन में बच्चे शरारती होते हैं। जिस कारण वह अपने सहपाठी और दोस्तों से कभी कबार झगड़ा भी कर लेते हैं। तो आपको यह चाहिए कि आप उन्हें अच्छे बुरे की पहचान कराये। ताकि बच्चों को सही गलत की पहचान हो सके। और उन्हें यह भी समझाएं कि उन्हें सबसे प्यार से बात करनी चाहिए। दुसरो के साथ लड़ाई झगड़ों से दूर रहना चाहिए।

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Prakash Panwar

मैं एक फ्रीलॉंसर हिंदी कंटेंट राइटिंग करता है. मुझे टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स और एजुकेशन जैसी बिट पर लिखना पसंद करता है. खाली समय में कंप्यूटर पढ़ना बहुत अच्छा लगता है. क्वालिफिकेशन की बात की जाये तो में बी-टेक कंप्यूटर साइंस से अध्यनरत हूँ.

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