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पांडवों ने किया था इस मंदिर का निर्माण जहाँ आज भी है स्वर्ग जाने का रास्ता

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हिमाचल प्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य है जहाँ बहुत से पौराणिक मंदिर स्थित है तथा इन्ही मंदिरों के कारण यह राज्य धार्मिक आस्था का केंद्र माना जाता है. आज हम हिमाचल प्रदेश के ऐसे मंदिर की बात करेंगे जिसका निर्माण पांडवों के द्वारा करवाया गया था जिसे Bathu Temples बाथू की लड़ी मंदिर के नाम से जाना जाता है. आइये जानते है इस मंदिर की अन्य विशेषता क्या है तथा यहाँ किस प्रकार पहुंचा जा सकता है.

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Bathu Temples in hindi

Pandavas had done the construction
Pandavas had done the construction

इस मंदिर का निर्माण पांडवों में अपने अज्ञातवास के समय अपनी आराधना के लिए किया था

पौराणिक मान्यता के अनुसार पांडवों ने इस मंदिर में ऐसी सीढ़ियों का निर्माण करने का निश्चय

किया था जिससे वह स्वारग तक पहुँच सकें किन्तु यह कार्य इतना आसान नहीं था इस कारण

से इसे पूर्ण करने के लिए उन्होंने भगवान कृष्ण से प्रार्थना की थी जिससे उनकी प्रार्थना को

सुनकर भगवान कृष्ण ने 6 माह की एक रात कर दी थी पर फिर भी पांडव इन सीढ़ियों को पूर्ण नहीं कर सके.

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पानी में डूबा मंदिर

Temple remains submerged for eight months
Temple remains submerged for eight months

वर्ष के आठ महीने यह प्राचीन मंदिर जलमग्न रहता है इसके दर्शन केवल चार माह ही होते है

आज भी इस मंदिर में पांडवों द्वारा निर्मित स्वर्ग की 40 सीढियां विद्यमान है जिन्हें देखने के लिए

भक्त इस मंदिर में जाते है तथा साथ ही भगवान शिव के दर्शन भी करते है जिससे उनकी सभी इच्छाएं पूओर्ण होती है.

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बाथू की लड़ी मंदिर तक जाने का मार्ग

Can be reached by air and rail
Can be reached by air and rail

इस मंदिर तक जाने के लिए हवाई मार्ग व रेल मार्ग से पहुंचा जा सकता है.

यहाँ का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा गग्गल है तथा रेल्वे स्टेशन ज्वाला है.

जहाँ से बाथू की लड़ी मंदिर जाने के दो मार्ग स्थित है.

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कब जाएँ यह मंदिर

Time to go to Bathu's temple
Time to go to Bathu’s temple

बाथू की लड़ी मंदिर जाने का समसे उचित समय मई व जून माह का होता है जब यह मंदिर पूर्ण रूप से जल के बाहर होता है बाकी के दिनों में यहाँ पानी भरा होता है जिसके कारण यह मंदिर जलमग्न होता है.

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Ramgovind kabiriya

मैं रामगोविन्द कबीरिया मुझे लिखने का काफी शौक है, मैं कन्टेन्ट राइटिंग में पिछले तीन सालों से काम कर रहा हूॅं। मैंने इन्दौर के डीएवीवी यूनिवर्सटी से एम.ए. मासकम्युनिकेशन किया है। इसके अलावा मैंने कम्प्युटर के क्षेत्र से सम्बधित पीजीडीसीए भी किया है। मैं न्यूज़, फैशन, धर्म, लाईफस्टाइल, वायरल स्पाॅर्टस आदि सभी कैटेगिरी में लिखता हूॅं।

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