जिउतिया व्रत की संपूर्ण कथा और विधि

jivitputrika vrat katha or vidhi hindi me
1,077 Views

आज सूर्योदय से पहले ही जीयुतिया या jivitputrika vrat जीवितपुत्रिका का व्रत शुरू हो गया है. व्रत पुत्रवती महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए यह व्रत करती है. कल बुधवार प्रातः 6:15 के बाद महिलाएं पूजन करने के बाद पारण करेगी.

आपको बता दें या निर्जला व्रत होता है. महिलाएं व्रत का पारण अगले दिन प्रातः काल में करती है.

मतलब इसके बाद आप अपने मन के मुताबिक ऐसा भी भोजन कर सकते हैं.

Hartalika Teej: हरतालिका तीज के व्रत पर ध्यान रखें कि ऐसी गलती न हो वरना

निर्जला व्रत के लिए शुभ मुहूर्त

व्रत के लिए शुभ मुहूर्त अष्टमी तिथि समाप्त 3 अक्टूबर 2018 सुबह 6:15 तक है.

jivitputrika vrat pooja putr ki lambi ayu ke liye
jivitputrika vrat pooja putr ki lambi ayu ke liye

कैसा होता है jivitputrika vrat जिउतिया का प्रसाद

जीवितपुत्रिका के प्रसाद में खीरा, गुड और कराओके प्रसाद के साथ जिउतिया सूत्र  पर चढ़ाया जाता है.

व्रत जिउतिया के पीछे की मान्यता

हिंदू धर्म के अनुसार यह मान्यता है कि कुश का जीमूतवाहन बनाकर,

बाद उसे पानी में डालकर, चंदन, बांस के पत्ते और फूल से पूजा करने पर वंश वृद्धि होती है.

इसमें व्रत का पारण बुधवार को सूर्योदय के बाद होगा.

indian woman celebrating jivitputrika vrat pooja
indian woman celebrating jivitputrika vrat pooja

क्या है जीमूतवाहन और कब होती है इसकी पूजा

महिलाएं आश्विन कृष्ट अष्टमी तिथि को जीमूतवाहन की पूजा करती है. आपको बता दें, जीमूतवाहन गंधर्व का राजकुमार था.

म.प्र की इस जगह पर स्थित शिवलिंग की लम्बाई बढ़ती ही जा रही है

जिसने वृद्धा के पुत्र जान भी बचाई थी. इस कारण से जितिया कुश से जीमूतवाहन की मूर्ति बनाकर पूजा अर्चना की जाती है.

महिलाएं मिट्टी और गोबर को उपयोग में लेती हुई चील-सियारन  की मूर्ति बनाती है.

जीवित्पुत्रिका के व्रत कथा

इस व्रत की कथा जीमूतवाहन से जुड़ी हुई है. गंधर्व के राजकुमार का नाम जीमूतवाहन था.

राजकुमार बड़े ही उदार और परोपकारी स्वभाव के थे. उनके पिता ने वृद्धावस्था में वानप्रस्थ आश्रम जाने से पहले ही ने राजगद्दी पर बिठाया था.

मोर पंख के फायदे जान आप भी इसे रखने लगेंगे अपने घर में

लेकिन जीमूतवाहन कामन राज पाठ मैं नहीं लगता. वह अपने राज्य का भात अपने भाइयों की कंधों पर छोड़ कर अपने पिता की सेवा के लिए वन की ओर चले गए.

राजकुमार का विवाह मलयवती नामक एक राज कन्या से हुआ.

woman take fast for his son on jivitputrika puja
woman take fast for his son on jivitputrika puja
जीमूतवाहन और वृद्धा का मिलाप

1 दिन घूमते हुए राजकुमार काफी आगे निकल गए. उन्हें वहां एक वृद्धा विलाप करती दिखाई दी.

रोने का कारण पूछने पर वृद्धा ने बताया कि वह नागवंश की स्त्री हैं, और उसे केवल एक ही पुत्र है.

पक्षियों की राजा गरुण के समक्ष नागो ने इन्हें प्रतिदिन भक्षण हेतु एक नाग सौंपने की प्रतिज्ञा हुई है.

जिसके चलते आज उनके पुत्र शंखचूड़ के बली का दिन है.

इस राशि के लोग पति पत्नी के रिश्ते को निभाते है बड़ी ही अच्छी तरह से

राजकुमार ने वृद्धा को आश्वस्त करते हुए क्या कहा

उन्होंने कहा ‘ डरो मत, मैं तुम्हारे पुत्रों की रक्षा करूंगा.

आज उसकी जगह स्वयं अपने आप को लाल कपड़े में ढक वध्य-शिला पर लेट जाऊंगा.

इतना कहते ही वह शंखचूड़ देहाती लाल कपड़ा लेते हुए लपेटकर गरुड़ कव्वाली देने के लिए वध्य-शिला  पर लेट गए.

pakshiraj garud or jimutavahana conversion
pakshiraj garud or jimutavahana conversion
जीमूतवाहन और पक्षीराज गरुड़ का संवाद

हमेशा की तरह पक्षीराज गरुड़ आए और लाल कपड़े में ढके जीमूतवाहन  को पंजे में पकड़ कर पहाड़ की चोटी पर ले गए.

अपने चंगुल में कैसे से जीव की आंखों से आंसू और मुंह से आहाना निकलने के कारण गरुड़ जी घबरा गए.

उन्होंने जीमूतवाहन से उनका परिचय पूछा. जिसके बाद जीमूतवाहन अपना सारा किस्सा सुना डाला.

भगवान गरुड़ उनकी बहादुरी और दूसरे के प्राणों की रक्षा करते हुए खुद के बलिदान को लेकर काफी प्रभावित हुए .

क्या आप जानते है भगवान कृष्ण की प्रेमिका राधा का विवाह किसके साथ हुआ था?

उन्होंने जीमूतवाहन को जीवनदान दे दिया. नागों को भी बली ना देने ना लेने का वरदान दे दिया.

इस कारण से जीमूतवाहन के साहस और नाग जाति की भी रक्षा हुई.

तब से ही पुत्र की सुरक्षा के लिए जीमूतवाहन के पूजा की प्रथा शुरू हो गई.

All story image source from Google

हमारे सोशल परिवार का हिस्सा बनने के लिए आगे दिए सोशल बटन पर लाइक तथा फॉलो जरूर करे:

और

भविष्य में आने वाली नयी Religion News अपडेट के लिए सीधे हाथ पर दिए नोटिफिकेशन को चालू (allow) और डाउनलोड करे फ़ास्ट Mobile App .

नीचे दी गयी स्टोरी भी पढ़े:

आपको भी है अगर खुबसूरत लड़कियों की तलाश तो देश के ये तीन जगहों के बारे में जान लें..

Loss Of Wealth: घर में रखी तिजोरी भी धन की कमी का एक अहम् कारण होती है

क्या आप भी हाथ में कड़ा पहनने का रखते हैं शौक तो ये खबर जरूर पढ़ें..

लड़कियों की चाल से पहचाने उनके छिपे हुए कई राज़

Author Profile

Prakash Panwar
Prakash Panwar
मैं एक फ्रीलॉंसर हिंदी कंटेंट राइटिंग करता है. मुझे टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स और एजुकेशन जैसी बिट पर लिखना पसंद करता है. खाली समय में कंप्यूटर पढ़ना बहुत अच्छा लगता है. क्वालिफिकेशन की बात की जाये तो में बी-टेक कंप्यूटर साइंस से अध्यनरत हूँ.

Related posts

Leave a Comment