rudraksh

क्या है शिव के रुद्राक्ष की धार्मिक ओर वैज्ञानिक परिभाषा

Religion
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भारत देश में लोग कई देवी देवताओं को मानते हैं। लोग अपनी श्रद्धा के हिसाब से फोटो, लॉकेट, कड़े और अलग-अलग मोतियों की माला पहनते हुए, देखा होगा। यह सब धर्म के प्रति आस्था का प्रतिक है। ऐसे में आपने कुछ लोगों के गले में आपने रुद्राक्ष पहने हुए देखा होगा। तो क्या आपने कभी यह सोचा है, लोग अपने गले में रुद्राक्ष क्यों पहनते हैं? क्या rudraksh रुद्राक्ष के पीछे धार्मिक मान्यता छुपी हुई है या इसका कोई वैज्ञानिक कारण भी है। आज हम आपको रुद्राक्ष से जुड़ी वैज्ञानिक और धार्मिक मान्यताओं को बताते हैं। जिसको जानने के बाद आपकी भी इसके प्रति श्रद्धा ओर बढ़ जाएगी:

क्या है रुद्राक्ष Rudraksh को लेकर धार्मिक मान्यता

हिंदू धर्म की मानें तो रुद्राक्ष का अहम् रोल है। आपको बता दें कि इसे धारण करने वाले व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

इसके केवल उपयोग मात्र योगी, तपस्वी या सन्यासी ही नहीं बल्कि एक आम व्यक्ति भी कर सकता है।

व्यक्ति द्वारा रुद्राक्ष की माला पहनना अपने आप में धार्मिक महत्व रखने के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्व भी रखता है।

rudraksh ko lekar kya hai dharmik manyta
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कैसे हुई रुद्राक्ष की उत्पत्ति

हमारे हिंदू धर्म के ग्रंथों में रुद्राक्ष के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है।

ऐसे में विश्वेश्वर संहिता में बताया गया है कि रुद्राक्ष को विशेष का भगवान शिव की पूजा में उपयोग में लिया जाता है।

संहिता तो मैं ऐसा लिखा है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति को जानने से पहले रुद्राक्ष शब्द के मतलब को जानते हैं।

रुद्र यानी शिव और अक्ष आमख अथवा आत्मा है।

पुराने समय में त्रिपुरासुर को जलाकर भस्म करने के बाद शिव रुद्र का हृदय द्रवित हो उठा।

इसके बाद उनकी आंख से आंसू टपक गए। जहां-जहां भी यह आंसू गिरे वहां रुद्राक्ष का वृक्ष हो गया।

यह रुद्राक्ष हिंदू और विशेष रूप से शैव अत्यंत पवित्र मानते हैं।

यह शैव तांत्रिक रुद्राक्ष की माला पहनते हैं, उससे जब भी जप करते हैं।

उपनिषद में क्या है rudraksh की परिभाषा

अगर उपनिषद की मानें तो रुद्राक्ष को शिव का नेत्र कहा गया है।

इसके अनुसार इसे धारण करने से दिन रात में किए गए, सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

सौ अरब गुना पुण्य प्राप्त होता है। शारीरिक रूप से रुद्राक्ष में हृदय संबंधी विकारों को दूर करने की अद्भुत चमत्कारी क्षमता मौजूद है।

rudraksh ko lekar vaigyanik manyata
rudraksh ko lekar vaigyanik manyata

रुद्रास को लेकर वैज्ञानिक महत्व

वैज्ञानिकों की मानें, तो रुद्राक्ष rudraksh में इलेक्ट्रोमेग्नाटिक गुणों के कारण यह शक्तिशाली होता है।

इसके औषधीय क्षमता मुझे चुंबकीय प्रभाव से पैदा होती है।

यह भी बताया था कि रुद्राक्ष का मस्तिष्क में कुछ केमिकल्स को प्रोत्साहित भी करता है।

इस प्रकार का शरीर का चिकित्सीय उपचार होता है।

लोग द्वारा शरीर से स्पर्श होने से लोग बेहतर भी महसूस की अनुभूति होती हैं।

केवल रुद्राक्ष बौद्धिक क्षमता और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने में कारगर साबित माना जाता है।

इसे धारण करने से चिंता और तनाव समय परेशानियों में कमी आती है।

ऐसा भी मन गया है कि रुद्राक्ष रोग रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रण में प्रभावशाली माना गया है।

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Prakash Panwar
Prakash Panwar
मैं एक फ्रीलॉंसर हिंदी कंटेंट राइटिंग करता है. मुझे टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स और एजुकेशन जैसी बिट पर लिखना पसंद करता है. खाली समय में कंप्यूटर पढ़ना बहुत अच्छा लगता है. क्वालिफिकेशन की बात की जाये तो में बी-टेक कंप्यूटर साइंस से अध्यनरत हूँ.

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