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shiv vivah पार्वती के अलावा भगवान शिव की इनसे भी हुई थी शादी: कथा

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हिंदू धर्म में आपने एक से बढ़कर एक शादी समारोह देखें होंगे। आपको बता दें, विवाह के कई प्रकार होते है। लेकिन इसमें ब्रह्मा विवाह को सबसे उत्तम माना जाता है। ब्रह्मा विवाह को वैदिक विवाह भी माना गया है। जिसमें देवताओं की भी शादी हुई थी। ऐसी शादी का उल्लेख आपको हमारे धार्मिक पुराणों में देखने में मिलता है। तो चलिए, shiv vivah आज हम आपको ब्रह्मा विवाह की ऐसी ही शादी की अनोखी कथा सुनाएंगे। यह विवाह शिव और पार्वती का है :

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Shiv vivah katha in hindi

  • भगवान शिव और पार्वती के विवाह की कथा
  • शिव और पार्वती की शादी से जुड़े कुछ सवाल
shiv or parvati ki vivah ki kahani
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भगवान शिव और पार्वती के विवाह की कथा

हमारे पुराणों में भगवान शंकर और पार्वती के विवाह का सुंदर लेख देखने को मिलता है। भगवान शंकर द्वारा सबसे पहले सती से विवाह किया गया था। यह विवाह बेहद ही कठिनाई वाली परिस्थितियों में संपन्न हुआ था। क्योंकि सती के पिता दक्ष विवाह के प्रस्ताव से खुश नहीं थे। हालांकि उन्होंने अपने पिता ब्रह्मा के कहने पर सती का विवाह भगवान शंकर से कर दिया था। राजा दक्ष द्वारा भगवान शंकर का बेहद अपमान किए जाने के चलते। सती माता ने यज्ञ में कूदकर आत्मदाह कर लिया था।

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सती का दूसरा जन्म किस रुप में हुआ

माता सती के आत्मदाह के बाद भगवान शंकर घोर तपस्या के लिए चले गए। फिर बाद में माता सती ने हिमवान के यहां पर पार्वती के रूप में जन्म लिया। उस दौरान पृथ्वी लोक पर तारकासुर का बड़ा आतंक था। देवता भी तारकासुर के आतंक से डरे हुए थे। उसे मारने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। क्योंकि उसे आशीर्वाद था कि भगवान शिव जी के पुत्र से ही उसका वध संभव था। लेकिन शिवजी तपस्या में लीन थे। तो देवताओं को यह उपाय सुजा की शिव जी की तपस्या कैसे भांग की जाए? ताकि वह पार्वती से विवाह करें और उनका पुत्र तारका सूर को मार गिराए।

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sati mata ke pati kon the
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देवताओं ने कैसे भांग की शिव की तपस्या

शिव का विवाह पार्वती से करवाने के लिए देवताओं ने एक योजना बनायीं। उन्होंने कामदेव को भगवान शंकर की तपस्या भंग करने के लिए भेज दिया। जिसके चलते कामदेव ने भगवान शंकर की तपस्या को भंग तो कर दी। लेकिन भगवान शंकर ने तपस्या भंग करने के कारण कामदेव को भी भस्म कर दिया। उसके बाद भगवान शंकर ने पार्वती जी से विवाह किया। इसके बाद भगवान शंकर बारात लेकर पार्वती जी के यहां पर पहुंचे। इस कथा का अनोखा विवरण आपको हमारे पुराने ग्रंथों में सुनने के लिए मिलेगा।

kesi hui shiv or parvati ki shadi
kesi hui shiv or parvati ki shadi

शिव और पार्वती की शादी से जुड़े कुछ सवाल

कैसे मरे गए कामदेव भगवान?

पूर्व में हमने तारका सुर नमक राक्षस के बारे में बताया था। जिसे यह आशीर्वाद था कि वह किसी के द्वारा नहीं मारा जा सकता। उसे केवल भगवान शंकर के पुत्र के द्वारा ही मारा जाएगा। तो ऐसे में भगवान शंकर को पार्वती जी से शादी करने के लिए, उनकी तपस्या को भंग करना था। इस कारण से कामदेव भगवान को उनकी तपस्या भंग करने के लिए भेजा गया। जहां अपनी तपस्या भंग होने के चलते कामदेव को भगवान शंकर ने भसम कर दिया।

कौन है माता सती

सती माता राजा दक्ष की पुत्री थी। जिनका विवाह भगवान शिव shiv vivah के साथ में होने वाला था।

लेकिन उनके पिता द्वारा भगवान शंकर के अपमान के बाद।

सती माता ने यज्ञ कुंड में कूदकर आत्महत्या कर ली थी।

फिर बाद में इस सती ने पार्वती के रूप में पृथ्वी लोक पर जन्म लिया।

bhagwan shiv ki kitni patniya thi
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राजा दक्ष के पिता का क्या नाम था

राजा दक्ष के पिता का नाम ब्रहमा था। भगवान ब्रहमा की कहने पर ही राजा दक्ष सती का विवाह शिव से करने के लिए राजी हो गए थे।

क्या राजा दक्ष को भगवान शिव पसंद थे

राजा दक्ष को भगवान शंकर को कभी भी पसंद नहीं थे। वह तो केवल उनके पिता के कहने पर ही। उन्होंने उनकी बेटी से शादी के बारे में सोचा।

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shiv ki barat ki kahani in hindi
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शंकर भगवान की कितनी शादी हुई?

देखा जाए तो भगवान शंकर की दो बार शादी हुई।

पहली शादी उनकी माता सती से और दूसरी शादी उनकी पार्वती माता से हुई। लेकिन शास्त्रों के मुताबिक सती माता ही पार्वती का दूसरा अवतार थी।

तो कुल मिलाकर के भगवान शंकर की शादी केवल सती से हुई।

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kya mata sati or parvati ek hi hai
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भगवान शिव की शादी के लिए बड़ा त्यौहार कौनसा है

कई सालों से भगवान शिव की शादी को हम लोग भी बड़े धूमधाम से मनाते हुए आ रहे हैं।

जी हां, आपने बिल्कुल ठीक सोचा मैं बात कर रहा हूं।

shiv vivah महाशिवरात्रि की जिस दिन भगवान शिव से पार्वती जी की शादी बड़े धूमधाम से हुई।

उनकी शादी के इस बड़े दिन को ही महा शिवरात्रि के रूप मे हम आज भी मनाते हैं।

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Bhagwan shiv or parwati ki shadi ki video

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Prakash Panwar

मैं एक फ्रीलॉंसर हिंदी कंटेंट राइटिंग करता है. मुझे टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स और एजुकेशन जैसी बिट पर लिखना पसंद करता है. खाली समय में कंप्यूटर पढ़ना बहुत अच्छा लगता है. क्वालिफिकेशन की बात की जाये तो में बी-टेक कंप्यूटर साइंस से अध्यनरत हूँ.

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