The construction of a building going to be done then keep these things in focus or else regret it

करने जा रहे किसी भवन का निर्माण तो इन बातों का रखें ध्यान वरना बुरे पछताओगे

Vastu Shastra
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हर इंसान का सपना होता है कि उसका खुद का घर हो, जिसे पूरा करने के लिए वह रात दिन मेहनत भी करता है। लेकिन जब उसका यह सपना पूरा होने वाला होता है तो वह खुशी-खुशी में कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज कर देता है। और इसी वजह से उसके नये घर में हमेशा परेशानी बनी रहती है। जिस जरूरी बातों की आज हम बात कर रहे हैं वह है वास्तुशास्त्र। जी हां घर बनाते समय वास्तुशास्त्र का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। आज हम आपसे इसी जरूरी बातों के बारे में चर्चा करने वाला हैं। तो चलिए जानते हैं घर बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है।

भवन निर्माण से पहले कर लें परिक्षण

Test before construction
Test before construction

भवन निर्माण से पहले इस बात का ध्यान रखें की जिस जगह आप भवन का निर्माण करने जा रहे हैं। वहां की मिट्टी का परिक्षण जरूर कर लें। भवन निर्माण से पहले ऐसा करना जरूरी होता है क्योंकि कभी-कभी किसी मिट्टी में दोष भी पाया जाता है। और अगर इस दोष को बिना दूर किए भवन का निर्माण किया जाए तो उस भवन में रहने वाले तमाम सदस्यों पर आये दिन कोई न कोई मुसीबत आती ही रहती है।

रंग, गंध और स्वाद का परिक्षण

Color, odor and taste test
Color, odor and taste test

आप मिट्टी के परिक्षण के लिए मिट्टी की ऊपरी परत को हटाकर नीचे की मिट्टी को हाथ में लेकर देखने से इसका रंग आसानी से पता लग जाता है और सूंघकर इसकी गंध व थोड़ा सा चखकर इसका स्वाद भी पता किया जा सकता है। यदि श्वेत रंग की मिट्टी सुगंध और मिठास लिए हुए है, तो इसे ब्राम्हणी मिट्टी कहते हैं। आध्यात्मिक सुख प्रदान करने वाली ऐसी मिट्टी वाले भूखंड पर निर्मित भवन बुध्दिजीवियों, धार्मिक व्यक्तियों के लिए अनुकूल होते हैं।

प्रशासकों और राजकीय अधिकारियों के लिए उपयुक्त है यह मिट्टी

This soil is suitable for administrators and government officials
This soil is suitable for administrators and government officials

क्षत्रिय मिट्टी लाल रंग, तीखी गंध और कसैले स्वाद वाली हाती है। वर्चस्व और पराक्रम को बढ़ाने वाली ऐसी मिट्टी के भूखंड, प्रशासकों और राजकीय अधिकारियों के लिए उपयुक्त होते हैं। वहीं दूसरी ओर हल्के पीले रंग, हल्की गंध और खटास वाली मिट्टी वैश्य मिट्टी कहलाती है। व्यवसायी और व्यापारी वर्ग के लिए ऐसे स्थान पर आवास बनाना लाभकारी माना गया है।

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Ramgovind kabiriya
Ramgovind kabiriya
मैं रामगोविन्द कबीरिया मुझे लिखने का काफी शौक है, मैं कन्टेन्ट राइटिंग में पिछले तीन सालों से काम कर रहा हूॅं। मैंने इन्दौर के डीएवीवी यूनिवर्सटी से एम.ए. मासकम्युनिकेशन किया है। इसके अलावा मैंने कम्प्युटर के क्षेत्र से सम्बधित पीजीडीसीए भी किया है। मैं न्यूज़, फैशन, धर्म, लाईफस्टाइल, वायरल स्पाॅर्टस आदि सभी कैटेगिरी में लिखता हूॅं।

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